Bangladesh में फिर भड़की हिंसा: हिंदू परिवारों के घरों को बनाया निशाना, 3 घर जलकर राख; Amit Malviya का ‘Extremism’ वाला दावा!

पिरोजपुर (बांग्लादेश): बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (Minorities) के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद अब पिरोजपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ शनिवार (27 दिसंबर) की सुबह कट्टरपंथियों ने हिंदू समुदाय के साहा परिवार के तीन रिहायशी घरों को आग के हवाले कर दिया।
कैसे और कब हुई घटना? (The Incident)
पिरोजपुर सदर उपजिला के पश्चिम दुमरीताला गांव में शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे यह भीषण आग लगी।
* Targeted Family: इस आगजनी में पलाश कांति साहा, शिब साहा, दीपक साहा, श्यामलेंदु साहा और अशोक साहा के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
* Eye Witness: परिवार की बुजुर्ग महिला संध्या साहा ने सबसे पहले आग की लपटें देखीं और शोर मचाया। देखते ही देखते आग ने आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
* Loss of Property: पीड़ितों का कहना है कि घर के अंदर रखा सारा अनाज, कपड़े और कीमती सामान जलकर राख हो गया है।
Fire Brigade की कार्रवाई और प्रशासन का बयान
स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। बाद में Pirojpur Fire Service & Civil Defense की टीम ने मौके पर पहुँचकर आग को शांत किया। स्टेशन अधिकारी जुगोल बिस्वास ने बताया कि “आग लगने का सटीक कारण (Exact Cause) अभी पता नहीं चल पाया है, जांच (Investigation) जारी है।”
अमित मालवीय का बड़ा दावा: “इस्लामी कट्टरपंथियों की करतूत”
BJP नेता अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर विस्फोटक पोस्ट किया है। उन्होंने इसे एक Planed Attack करार दिया।
> “बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं ‘Alarming Level’ पर पहुंच गई हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने पलाश कांति साहा को उनके घर में बंद कर दिया और फिर उसमें आग लगा दी।” – अमित मालवीय


ममता बनर्जी और मालदा-मुर्शिदाबाद हिंसा का जिक्र
अमित मालवीय ने इस घटना की तुलना पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में हुई सांप्रदायिक हिंसा से की। उन्होंने आरोप लगाया कि:
* Silence of Mamata: उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी निष्क्रियता (Inaction) सरहद पार बैठे कट्टरपंथियों को और भी बेखौफ (Fearless) बना रही है।
* Comparison: मालवीय ने दावा किया कि जैसे ममता बनर्जी के शासन में हिंदू घरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया, वैसा ही ट्रेंड अब बांग्लादेश में देखा जा रहा है।
दहशत में हिंदू समुदाय (Sense of Insecurity)
बता दें कि इसी इलाके में दो साल पहले भी आगजनी की ऐसी ही घटना हुई थी। बार-बार अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने से स्थानीय हिंदू आबादी में गहरा डर और असुरक्षा (Insecurity) का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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