✈️ Indigo फ़्लाइट कैंसिलेशन: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, कहा- ‘हम एयरलाइन नहीं चला सकते’

नई दिल्ली: इंडिगो (Indigo) एयरलाइन की बड़ी संख्या में फ़्लाइट रद्द (Flight Cancellation) होने से लाखों यात्रियों को हुई परेशानी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई की मांग हुई, लेकिन शीर्ष अदालत ने फ़िलहाल इस पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
🏛️ CJI ने कहा- सरकार को संभालने दें
* सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस (CJI) ने इस बात को सही माना कि लाखों यात्री परेशान (Distressed) हुए हैं और बहुत लोगों के ज़रूरी काम छूट गए हैं।
* हालांकि, CJI ने कहा कि चूँकि सरकार इस मामले को देख रही है, इसलिए उन्हें इसे संभालने (Handle) दें।
* मुख्य न्यायाधीश ने फ़्लाइट कैंसिल होने के चलते कई यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों (Health Issues) का सामना करने की बात भी स्वीकार की।
‘हम एयरलाइन नहीं चला सकते’
* याचिकाकर्ता वकील नरेंद्र मिश्रा ने याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 2500 से ज़्यादा फ़्लाइट रद्द हुईं और देश भर के सारे एयरपोर्ट प्रभावित (Affected) हुए।
* इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “हम एयरलाइन नहीं चला सकते”।
* कोर्ट ने कहा कि भारत सरकार ने पहले ही इस मामले का संज्ञान (Cognizance) ले लिया है और समय पर कार्रवाई (Action) की गई है।
📅 यात्रियों की परेशानी सातवें दिन भी जारी
* इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। एक सूत्र ने बताया कि विमानन कंपनी ने सोमवार को बेंगलुरु हवाई अड्डे (Bengaluru Airport) से 127 उड़ानें रद्द कर दीं।
   * इसमें बेंगलुरु से रवाना होने वाली 62 और यहाँ पहुँचने वाली 65 उड़ानें शामिल हैं।
⏱️ DGCA ने CEO को दिया अतिरिक्त समय
* नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने रविवार को इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स और जवाबदेही प्रबंधक इस्द्रो पोर्क्वेरास को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) का जवाब देने के लिए और समय दे दिया है।
* एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों को जवाब दाखिल करने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय, यानी सोमवार शाम छह बजे तक की समय सीमा दी गई है।
* नियामक ने यह नोटिस व्यापक और लगातार व्यवधान (Disruption) के कारण जारी किया था, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई थी।
📉 आलोचना का सामना
राहुल भाटिया के आंशिक स्वामित्व वाली यह विमानन कंपनी दो दिसंबर से सैकड़ों उड़ानें रद्द करने को लेकर सरकार और यात्रियों दोनों की तीखी आलोचना (Sharp Criticism) झेल रही है। कंपनी ने इसके लिए पायलटों की नई उड़ान ड्यूटी (New Flight Duty) और नियमों में हुए बदलाव का हवाला दिया है।

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