Cancer risk increases in Punjab : 2024 में पंजाब में 42,288 नए कैंसर मामले सामने आए, जो पिछले साल से 7% अधिक

चंडीगढ़, 23 सितंबर: पंजाब में कैंसर का खतरा किस तरह से बढ़ रहा है वह सरकार की ही तरफ से जारी की गई आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पंजाब में वर्ष 2024 में 4288 मामले कैंसर के सामने है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 7% अधिक बढ़ोतरी हुई है इसको देखते हुए सरकार की तरफ से कोशिश की गई है कि शुरुआती दौर में कैंसर को डिटेक्ट किया जाए तो इसमें जान भी बच सकती है और इलाज भी बेहतर हो सकता है जिसके लिए अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में ए बैज मशीन लगाई जा रही है जो लोगों के लिए बिल्कुल मुफ्त है और उनको लगाने के लिए प्राइवेट कंपनियों के साथ ताई एफबी किया जा रहा है जिसमें की इन टेस्ट की शुरुआत अलग-अलग हॉस्पिटल में हो चुकी है बेशक किसी तरह की परेशानी आने पर या फिर इतिहास के तौर पर भी महिलाएं टेस्ट करवा सकती हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच के अनुरूप, एहतियाती स्वास्थ्य सेवाओं को और मज़बूत करने की दिशा में ऐतिहासिक क़दम उठाते हुए, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और दृष्टि दोष का समय रहते पता लगाने के लिए देश की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) समर्थ स्क्रीनिंग डिवाइस लॉन्च की।

यह पहल, जिसे ए.सी.टी. ग्रांट्स के सहयोग से लागू किया गया है, के तहत पंजाब के आठ ज़िलों में पोर्टेबल, रेडिएशन-रहित और ए.आई. पावर्ड डिवाइस लाई गई हैं। इनमें स्तन कैंसर की जाँच के लिए निरामई कंपनी की “थर्मलाइटिक्स”, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए पैरीविंकल कंपनी का “स्मार्ट स्कोप” और दृष्टि परीक्षण हेतु फोर्स हेल्थ का “पोर्टेबल ऑटो-रिफ्रैक्टोमीटर” शामिल हैं। इस अवसर पर सभी उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया।

आधुनिक उपकरणों के माध्यम से स्क्रीनिंग अब जनता की पहुँच तक लाई जा रही है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, ताकि बीमारी संबंधी डर, खर्च और उपलब्धता जैसी बाधाओं को दूर किया जा सके। यह पहल न केवल लोगों की क़ीमती जिंदगियाँ बचाएगी बल्कि पंजाब को ए.आई. संचालित जनस्वास्थ्य नवाचार में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने आईसीएमआर राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के आँकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में पंजाब में 42,288 नए कैंसर मामले सामने आए, जो पिछले साल से 7% अधिक हैं। उन्होंने एनएफएचएस-5 के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में 30–49 वर्ष आयु वर्ग की केवल 0.3% महिलाओं की स्तन कैंसर के लिए और 2.4% महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए स्क्रीनिंग हुई है। उन्होंने कहा, “हम इन रुझानों को बदलने और एक राष्ट्रीय मिसाल कायम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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